और हमारी बदमाशी का मुकाबला कोई कर नहीं पाता ⚡
अकड़ में रहते हैं क्योंकि औकात में हैं,
क्योंकि हम पैदा ही तहलका मचाने के लिए हुए हैं।
पर पगली मुझे देखने को तो लड़कियां जी रही हैं!
पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ !
क्योंकि जवाब हमारी जुबान से नहीं, नजरों से मिलता है।
पर लोगों के लिए हम आज भी रंगबाज़ हैं — बेटा जितना तू सोचता है हम उससे ज्यादा खराब हैं
तेरी वजह से ही शुरू करी थी मैडम बदमाशी — अब तू ही गूंडा कहके छोड़ गई।
अब ज़रा संभल के बात करना मुझसे क्योंकि जो में था
ਤੇ ਤੇਰੀ ਔਕਾਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਸਿਗਰਟ ਦੇ ਖਰਚੇ ਨੇ !!
असल चेहरा दिखेगा, पर्दा फिर नहीं उठेगा
बस एक जरा सी मुस्कान ही काफी है, लोग कांप जाएँ
बदमाशी हमारी पहचान है, ये कौन रोक पाए। ⚡
वो जितना कमाते है हम उससे ज्यादा उड़ाते here है…!